5 Jul 2023 #madhyapradesh #shivrajsinghchouhan #narottammishra
आप कैसे दुनिया में सर उठाकर कह सकेंगे कि जात-पात का भेदभाव इस देश से मिट गया है। किसी के ऊपर पेशाब करने की यह सोच हवा से नहीं आई है बल्कि सैंकड़ों साल से चलते हुए प्रवेश शुक्ला में बनी हुई है इस जातिवादी सोच के लिए संघ मुगलों के दौर को ज़िम्मेदार भले ठहरा दे मगर 2014 के बाद से धर्म और राष्ट्रवाद की खुली और बेलगाम राजनीति के दौर में बीजेपी का यह कार्यकर्ता उस जातिवादी नफ़रत का इस तरह से प्रदर्शन करना है। प्रवेश शुक्ला का पेशाब करना सामान्य घटना नहीं है। इसे नार्मल नहीं बनाना चाहिए। प्रवेश शुक्ला ही केवल बीमार नहीं है। इस देश में यह बीमारी लाखों लोगों में हैं। आप अपने बच्चों में दिन रात जाति का यह गौरव ठेलते रहते हैं जिसके असर में ये कहीं भी पेशाब करते रहते हैं।
