देश का सुप्रीम कोर्ट कह रहा है कि मणिपुर में मई से लेकर जुलाई तक कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नहीं थी। कोई कानून नहीं था। कोर्ट की तरफ से उठ रहे सवाल बता रहे हैं कि तीन महीने बीत जाने के बाद भी केंद्र और राज्य सरकार वहां किस तरह नाकाम रही है। चीफ जस्टिस की खंडपीठ ने कहा कि जब राज्य आम नागरिकों की सुरक्षा नहीं दे पा रहा है तो यह कैसी व्यवस्था है। पता चल रहा है कि स्थानीय पुलिस किस तरह जांच कर रही है। कोर्ट ने कहा कि राज्य की पुलिस जांच नहीं कर सकती। उसने नियंत्रण खो दिया है। क्या यह काफी नहीं है कि राज्य में मुख्यमंत्री को बर्खास्त कर दिया जाए। जब वहां पुलिस ही कंट्रोल में नहीं है तो फिर मुख्यमंत्री किसके सहारे हालात कंट्रोल में कर रहे थे। मणिपुर की हिंसा में अब तक 180 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन डबल इंजन की सरकार किसके कंट्रोल में ये पता नहीं है।
मणिपुर में सरकारी मशीनरी ध्वस्त: SC | Breakdown Of Machinery in Manipur
