महिला पत्रकारों को पुलिस ने मारा? अभिषेक के दफ़्तर पर हमला, बिना सबूत जेल में डाला सत्येंद्र जैन को
बर्बरता की सारी हदें पार! 4PM की महिला पत्रकार से मारपीट!
आज काफी देर हो गई। पुलिस के संदर्भ में घटनाएं बदलती चली गईं। दिल्ली में दो महिला पत्रकारों ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें पीटा है, कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के दफ्तर में गुंडे घुस आए, सत्येंद्र जैन को ज़मानत देते हुए कोर्ट ने कहा कि कोई ठोस सबूत नहीं, आधार नहीं, फिर भी डाल दिया जेल में, नोएडा में आकृति चौधरी पर फर्ज़ी तरीके से लगा दिया NSA. पुणे में सामाजिक कार्यकर्ता संतोष पंडित गिरफ़्तार। क्या देश पुलिस तंत्र बनता जा रहा है? मर्ज़ी किसी को फंसा दो, किसी को पीट दो, गुंडे आ जाएं तो चुपचाप खड़े रहो? उम्मीद है आप यह वीडियो पूरा देखेंगे।
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